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सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के बाद मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को कà¥à¤¯à¤¾ ठीक करता है?
बदलती लाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤², तनाव और à¤à¤¾à¤—-दौड़ à¤à¤°à¥€ ज़िनà¥à¤¦à¤—ी के कारण यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के मामलों में तेजी से बà¥à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤°à¥€ हो रही है। आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के कारण असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने वाले हर पांच में से à¤à¤• मरीज की उमà¥à¤° 40 वरà¥à¤· से कम है। डायबिटिज, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, हाइपरटेंशन (उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª) à¤à¤µà¤‚ अनियमित लिपिड लेवल के कारण लोग कम उमà¥à¤° मेें ही बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से पीड़ित होने लगे हैं।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने पर फिजिशियन बंद हà¥à¤ˆ रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को खोलने के लिà¤, कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ (खून का थकà¥à¤•ा) खतà¥à¤® करने वाली दवाईयाठदेते है। हालांकि नवीनतम चिकितà¥à¤¸à¤¾ तकनीक à¤à¤µà¤‚ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के सà¥à¤•िल सेट में वृदà¥à¤§à¥€ के साथ, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के इलाज के लिठअब नये विकलà¥à¤ª à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ है। पांच गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤•ल टà¥à¤°à¥‰à¤¯à¤²à¥à¤¸ में देखा गया है कि मैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ (सà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट के माधà¥à¤¯à¤® से बà¥à¤°à¥‡à¤¨ में हà¥à¤ बलà¥à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ को हटाना) का कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ खतà¥à¤® करने वाली दवाओं के साथ उपयोग करने पर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• मरीजों में विकलांगता में कमी आयी है à¤à¤µà¤‚ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल परिणामों में सà¥à¤§à¤¾à¤° आया है।
हृदय के लिठà¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ की तरह ही मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के लिठमैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ कारगार है:
पूरà¥à¤µ में हारà¥à¤Ÿ अटैक के मरीजों की बंद (बà¥à¤²à¥‰à¤•à¥à¤¡) रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को खोलने के लिठसिरà¥à¥ž खून को पतला करने वाली दवायें (थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸) दी जाती थीं। लेकिन अब दवाओं के साथ पà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤®à¤°à¥€ à¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ की जाती है ताकि बंद नसों को जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ खोलकर रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ किया जा सके। ठीक इसी तरह, थकà¥à¤•ारोधी दवाओं के साथ मैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ (सà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट के माधà¥à¤¯à¤® से बलà¥à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ हटाना) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपचार मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की बंद नसों को जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ खोलने व रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ शà¥à¤°à¥‚ करने में मदद करता है। मैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ तकनीक से बंद रकà¥à¤¤ वाहिकाओं की खà¥à¤²à¤¨à¥‡ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 80 से 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक हो जाती है जबकि यदि केवल खून पतला करने वाली दवाओं का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जायें तो यह संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 30% ही रहती है।
किन मरीजों को मैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिà¤?
– थकà¥à¤•रोधी दवाà¤à¤‚ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• आने के 3 से 4.5 घंटे (गोलà¥à¤¡à¤¨ पीरियड) तक ही कारगर होती है। यदि मरीज गोलà¥à¤¡à¤¨ पीरियड के à¤à¥€à¤¤à¤° असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² नहीं पहà¥à¤‚चता है तो उसे तà¥à¤°à¤‚त इस उपचार तकनीक का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करना चाहिà¤à¥¤
– खून पतला करने वाली दवाओं देने के बाद à¤à¥€ यदि मरीज रिकवर नहीं हो रहा है तो उसे कैथ लैब में मैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ के लिठजाना चाहिà¤à¥¤
– जो रोगी à¤à¤‚टी-कॉगà¥à¤²à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का सेवन कर रहे हैं, जिनकी पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ की गिनती कम है, या हाल ही में दिल का दौरा, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° या सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दवाà¤à¤‚ नहीं दी जा सकती। à¤à¤¸à¥‡ मरीजों को सीधा मैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के उपचार में à¤à¤• गेम चेंजिंग विकलà¥à¤ª:
मैकेनिकल थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ तकनीक राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के चà¥à¤¨à¤¿à¤‚दा केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में ही उपलबà¥à¤§ है। यह न सिरà¥à¥ž जीवन बचाता है बलà¥à¤•ि, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के बाद विकलांगता की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को à¤à¥€ कम करता है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤• रिटà¥à¤°à¥€à¤µà¤° सà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट डिवाइस पेट à¤à¤µà¤‚ जांघ की बीच की जगह से रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ में डाला जाता है और आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€ से होते हà¥à¤ दिमाग तक पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¯à¤¾ जाता है, जहाठइसका उपयोग खून के थकà¥à¤•े को हटाने के लिठकिया जाता है। परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पता चला है कि यदि मरीज सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के लकà¥à¤·à¤£ शà¥à¤°à¥‚ होने के 6 से 8 घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को कराता है तो उसके जीवित रहने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¤¾ काफी बॠजाती है।
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